शेर की नाक का बाल और गधे की पूंछ के बाल में फर्क होता है” – अमर अग्रवाल,,,विधायक अमर अग्रवाल का पूर्व विधायक शैलेश पांडेय पर तीखा हमला
बिलासपुर। बिलासपुर की राजनीति में शुक्रवार को उस समय नया सियासी तापमान देखने को मिला, जब भाजपा के वरिष्ठ विधायक और पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल ने बिना नाम लिए पूर्व विधायक शैलेष पांडे पर अब तक का सबसे तीखा हमला बोला। खेल प्रतियोगिता मे सफल गणमान्य लोगों बीच आयोजित संवाद कार्यक्रम में अमर ने विधानसभा की भूमिका, जनप्रतिनिधि की जिम्मेदारी और विकास की राजनीति पर विस्तार से बात करते हुए कहा कि “शेर की नाक का बाल और गधे की पूंछ के बाल में फर्क होता है। जनता अब यह फर्क अच्छी तरह समझ चुकी है।”
उन्होंने कहा कि विधानसभा को केवल सवाल पूछने का मंच मान लेना लोकतांत्रिक व्यवस्था की अधूरी समझ है। “विधानसभा का सबसे बड़ा काम लेजिसलेशन यानी कानून बनाना, बजट पारित करना, नीतियां तय करना और प्रदेश के विकास की दिशा निर्धारित करना है। प्रश्न पूछना भी जरूरी है, लेकिन उसका उद्देश्य केवल सुर्खियां बटोरना नहीं, बल्कि जनता की वास्तविक समस्याओं का समाधान होना चाहिए।”
अमर अग्रवाल ने कहा कि “मैं 15 वर्ष मंत्री और 25 वर्ष विधायक रहा हूं। सदन में मेरा उद्देश्य कभी केवल बोलना नहीं रहा। मेरी कोशिश हमेशा यह रही कि बिलासपुर के लिए अधिक से अधिक योजनाएं, बजट और विकास कार्य लेकर आऊं। जनता मुझे भाषणों से नहीं, काम से पहचानती है।”
392 सवाल पूछने से विकास नहीं होता
बिना नाम लिए पूर्व विधायक पर निशाना साधते हुए अमर अग्रवाल ने कहा कि “कुछ लोग प्रश्न पूछने को ही राजनीति का पैमाना मानते हैं। यदि केवल प्रश्न पूछने से विकास होता, तो जनता उन्हें रिकॉर्ड मतों से पराजित नहीं करती। जनता ने बता दिया कि उसे भाषण नहीं, परिणाम चाहिए।”
उन्होंने कहा कि “मुझे प्रश्न पूछने की फुर्सत कम मिली, क्योंकि मैं बिलासपुर के विकास में व्यस्त रहा। मेरा काम सदन में शोर मचाना नहीं, बल्कि योजनाओं को मंजूरी दिलाना और उन्हें धरातल तक पहुंचाना रहा है।”
